त्रिलोचन काव्य का प्रवृत्तिमूलक अध्ययन

By Dr. Mahesh Prashad Singh

PAPER BACK ISBN : 978-93-88996-45-7

DATE : 2020

PAGES : 1-138

EDITIONS : 1

LANGUAGE : Hindi

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त्रिलोचन काव्य का प्रवृतिमूलक अध्ययन शोध प्रबंध में त्रिलोचन की कविताओं का प्रगतिशील चिन्तन धारा के अन्तर्गत समग्रता के साथ अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। त्रिलोचन मूलतः प्रगतिशील कवि थे। उनकी कवितओं में प्रगतिशीलता के वे सभी मान-मूल्य मौजूद हैं, जिन्हें हिंदी साहित्य के आलोचकों ने स्थापित किये हैं। साहित्य और जीवन में कुछ खास प्रयोग ऐसे भी होते हैं, जो व्यापक लोकप्रियता अर्जित करने लगते हैं या आंदोलन का रूप ले लेते हैं और रूढ़िवादी मानसिकता पर प्रहार करने लगते हैं। त्रिलोचन अपनी कविताओं में सिर्फ अपने काव्य सामर्थ का ही पता नहीं देते, अपितु जीवन के विस्तुत दायरे के विभिन्न भागों का काव्यात्मक आकलन भी प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत शोध-प्रबंध में कवि के इस द्विविध सफलता का आकलन प्रस्तुत किया गया हैं।

त्रिलोचन के व्यक्तित्व, परिवेष और काव्य विकास का संक्षिप्त सर्वेक्षण
त्रिलोचन के काव्य में प्राप्त प्रवृत्तियों का अनुषीलन
(क) प्रेम  
(ख) प्रकृति
(ग) सामाजिक यथार्थ 
(घ) जनपदीय चेतना 
त्रिलोचन के काव्य में प्रेम
त्रिलोचन के काव्य मे वर्णित प्रकृति
त्रिलोचन के काव्य में सामाजिक यथार्थ की अभिव्यक्ति
माक्र्सवादी विचारधारा और त्रिलोचन का काव्य
त्रिलोचन के काव्य मे जनपदीय चेतना
उपसंहार

जन्म - 03 अप्रैल 1971 ई0, ग्राम+पो0-सहदुल्लाहपुर, जिला-वैशाली  
शिक्षा - एम0 ए0 (हिन्दी) पी.- एच0 डी0
माता - श्रीमती धनमंती देवी
पिता - स्व0 लालबाबू सिंह
साहित्यिक गतिविधियाँ - राष्ट्रीय, अन्र्तराष्ट्रीय सेमिनार तथा वेबिनार एवं विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में समय-समय पर भागीदारी
शोध लेखन - नेपाली चिंतन- अनुचिंतन, किताब, शोध-निकष, वाराणसी मैनेजमेंट, सूरज पूंज, राष्ट्रसेवक, A d-Valorem, रिसर्च हाईलाईट, दृष्टिकोण, गुजरात सोसाईटी एवं बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् की शोध त्रैमासिक पत्रिका में निरन्तर शोध आलेख प्रकाशित 
शिक्षण कार्य - 15 जून 2004 ई0 से 12 मार्च 2020 तक राय वीरेन्द्र सिंह महाविद्यालय, कुतुबपुर कोठी, हाजीपुर वैशाली में हिन्दी व्याख्याता के पद पर शिक्षण कार्य।
सम्प्रति - बाबा साहेब भीम राव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर की अंगीभूत इकाई ब्रजमोहन दास कॉलेज, दयालपुर में हिन्दी के अतिथि शिक्षक के रूप में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत।
सम्मान - (GRF) Education Exellence Award (2020) KAAV Midia PVT LTD Delhi द्वारा सम्मानित।

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